हर जगह होंगे रोबोट,दुनिया से इंसानों का अंत होगा रोबोट?  वैज्ञानिक ने व्यक्त की यह आशंका

ऑक्सफोर्ड यूनिटवर्सिटी और गूगल डीपमाइंड का एक पेपर पिछले महीने एआई मैगजीन में प्रकाशित किया गया था।  

इस पत्र में एआई जोखिम पर चर्चा की गई है।  शोधकर्ताओं ने बताया है कि कैसे एआई इंसानियत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। 

धोखा देना सीख जाएगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस   आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में जनरेटिव एडवरसैरियल नेटवर्क का उपयोग किया जाता है। 

यह प्रणाली दो मानदंडों पर काम करती है। पहला इनपुट डेटा के आधार पर एक  तस्वीर तैयार करता है जबकि दूसरा भाग प्रदर्शन को ग्रेड करता है। 

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि उन्नत एआई बेईमान होना सीखेगा।   

बेहतर ईनाम पाने के लालच में एआई इंसानों को धोखा दे सकता है और इसी क्रम में यह इंसानियत को भी नुकसान पहुंचा सकता है। 

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के माइकल के. कोहेन ने एक साक्षात्कार में बताया की 

क्या होता है इस असंख्य संसाधनों वाली दुनिया में यह कहना  अनिश्चित होता है। 

"और अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ प्रतिस्पर्धा में हैं जो आपको हर कदम पर मात दे सकता है, 

तो आप जीतने की कल्पना भी नहीं कर सकते," उन्होंने कहा। 

...तो सच होगा विशेषज्ञों का डर आसान भाषा में समझा जाए तो मान लेते हैं कि किसी दिन AI को हमारे लिए खाद्य पदार्थ उगाने की जिम्मेदारी दी जाती है।  

हो सकता है कि वह ऐसा न करने का कोई रास्ता खोज ले और अपना इनाम पा ले। 

कोहेन ने अपने तर्क में यह कहा है कि हमें ऐसी उन्नत एआई विकसित नहीं करनी चाहिए, जो हमें ही हरा सके।  

ऐसा ही हॉलीवुड फिल्मों में भी दिखाया गया है।  हमारा भविष्य वर्तमान की हमारी कल्पनाओं का रूप है। 

स्मार्टफोन या कई अन्य तकनीकें जिनका हम आज उपयोग कर रहे हैं, सभी की कल्पना किसी न किसी बिंदु पर की गई थी। 

ऐसे में किसी दिन हम अपनी बनाई हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मुकाबला कर लें, तो हो सकता है कि अंतिम परिणाम हमारे पक्ष में न हो।