यूरिक एसिड के मरीजों के लिए बेहद कारगर हैं तुलसी के पत्ते, जानिए इस्तेमाल करने का सही तरीका 

यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में कारगर है तुलसी  औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है।   

यह ओलिक एसिड, यूजेनॉल और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है। 

यूरिक एसिड के मरीज ऐसे करें तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल  - इसके लिए सबसे पहले 5 से 6 तुलसी के पत्ते लें। - इसके बाद इन पत्तों को पानी से अच्छी तरह धो लें।  

- अब इसमें काली मिर्च और देसी घी मिलाकर खा लें। - इसका रोजाना इस्तेमाल करने से आपको काफी फायदा होगा। 

पाचन शक्ति होगी मजबूत   तुलसी के पत्तों में विटामिन ए, विटामिन डी, आयरन, फाइबर जैसे कई पोषक  तत्व होते हैं जो पाचन प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करते हैं। 

ब्लड शुगर के मरीजों के लिए   तुलसी के पत्तों में हाइपोग्लाइसेमिक स्तर को नियंत्रित करने वाले गुण  होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करने का काम करते हैं।  

इसके लिए तुलसी के कुछ पत्ते लें और उन्हें एक गिलास पानी में रात भर के लिए रख दें। इसके बाद सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। 

ठंड में असरदार  यदि आप सर्दी और फ्लू से पीड़ित हैं, तो तुलसी के पत्तों को नियमित रूप से चबाएं क्योंकि 

वे प्रतिरक्षा को बढ़ाकर हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं