चाणक्य नीति,कुत्तों के इन गुणों को अपनाकर आप भी बन सकते हैं सफल, उन्नति देखकर शत्रु जलेंगे।

अपने काम के प्रति वफादारी   कुत्ता अपने भले के लिए अपनी जान भी दे देता है।  वह अपने जीवन को गुरु के अनुसार ढालता है, इ 

इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में होना चाहिए।  उसे अपने काम के प्रति वफादार रहना चाहिए। 

जो व्यक्ति अपने कार्य को पूजा मानता है वह आगे चलकर सफल व्यक्ति बनता है। 

हर समय सतर्क रहें  कुत्ता दुनिया का सबसे सतर्क और सतर्क जानवर है।  वह भी गहरी नींद में सो जाता है लेकिन थोड़ी सी आवाज पर तुरंत जाग जाता है।  

इसी तरह व्यक्ति को भी हर क्षण सतर्क रहना चाहिए।  उसे सभी पर भरोसा करना चाहिए लेकिन सावधान और सतर्क रहना चाहिए। 

यदि आप इन गुणों को अपने अंदर लाते हैं तो यह आप पर कभी कोई संकट नहीं ला सकता। 

संकट से निपटना     कुत्ता बहुत बहादुर जानवर होता है।  अकेले होते हुए भी वह मुसीबत से नहीं डरता, बल्कि डटकर उसका सामना करता है। 

इसी तरह मनुष्य को हर स्थिति में सबसे बड़े खतरे का सामना करना पड़ता है। कठिन परिस्थितियों का सामना करने से ही व्यक्ति भीतर से मजबूत बनता है 

हम सभी को किसी भी समस्या से घबराना नहीं चाहिए और किसी भी स्थिति में उसका डटकर सामना करना चाहिए 

जीवन से संतुष्ट रहो  चाणक्य नीति के अनुसार कुत्ता एक संतुष्ट जानवर है।  गुरु द्वारा दिन भर  में उसे जो भी भोजन और पानी दिया जाता है, उससे वह संतुष्ट होता है।  

इसी तरह, व्यक्ति को अपनी जरूरतों और इच्छाओं से संतुष्ट होना चाहिए। 

आवश्यकता से अधिक सामान जमा करने की आदत व्यक्ति को मानसिक तनाव से भर देती है।