ऐसे घरों की ओर आकर्षित होती हैं मां लक्ष्मी, जीवन भर बनी रहती है आशीर्वाद 

मूर्खाः यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम् । दाम्पत्योः कलहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता॥ मूर्खों का न हो सम्मान

मूर्ख के शब्द बेकार हैं।  जिस घर में मूर्खों की बात नहीं सुनी जाती है वहां माता लक्ष्मी का वास होता है।  

चाणक्य का कहना है कि जो लोग मूर्खों या उनकी बकवास पर विश्वास करते हैं और अपने लक्ष्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं, 

वे कभी भी सफलता प्राप्त नहीं कर सकते।  सफलता पाने के लिए किसी विद्वान व्यक्ति की सलाह लें, मूर्ख की नहीं। 

सही मार्ग पर चलने वाले और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने वाले व्यक्ति पर देवी लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं।

अनाज के भंडार  चाणक्य कहते हैं कि जिन घरों में कभी भी रसोई घर में अनाज नहीं निकलता वहां मां अन्नपूर्णा और देवी लक्ष्मी की कृपा वास करती है। 

अपने भोजन के भंडार को भरा रखने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें।  कभी भी अनाज की कमी न होने दें।  साथ ही भोजन का अनादर न करें।  

ऐसा करने से माता लक्ष्मी को क्रोध आता है और धनवान भी गरीब हो जाता है।   

परिवार में प्यार   परिवार में एकता समृद्धि का प्रतीक है।  जहां परिवार में आपसी प्रेम और भाईचारा होता है, वहां माता लक्ष्मी की खिंचाई होती है। 

इन घरों में कभी भी धन की कमी नहीं होती है, साथ ही समृद्धि भी।  

घर के सदस्यों, पति-पत्नी के बीच प्रेम का भाव रहेगा तो कभी कोई परेशानी नहीं होगी।