जीवन में इन बातों का ध्यान नहीं रखा तो शत्रु आप पर भारी पड़ेंगे,चाणक्य नीति

सतर्क और सावधान रहें   अगर आप सावधान या सतर्क नहीं रहे तो कोई भी आप पर हमला कर सकता है। 

आपको नुकसान पहुंचा सकता है और फिर आपके पास ठीक होने का समय नहीं होगा। 

ऐसे में अगर आप पहले से सतर्क रहेंगे तो आपको दुश्मन की हर हरकत का आभास हो जाएगा और आप मुसीबत में पड़ने से बचेंगे। 

धैर्य न खोएं   चाणक्य नीति के अनुसार जीवन में हमेशा संयमित रहना चाहिए।  संयमित रहने से आपके प्रयास और आपके कार्य कौशल में वृद्धि होती है। 

इससे आपके अंदर और बाहर एक तरह की ऊर्जा पैदा होती है।  ऐसे में व्यक्ति को कभी भी संयम नहीं छोड़ना चाहिए। 

विपरीत परिस्थितियों में भी यदि आप संयम बनाए रखेंगे तो आपका शत्रु कितना भी उग्र क्यों न हो, कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। 

आप हर मुश्किल परिस्थिति से लड़ते हुए निकलेंगे।  संयम की कमी या इसे खोने से ही स्थिति बिगड़ती है।  इसलिए धैर्य कभी न छोड़ें। 

डर को अपने ऊपर हावी न होने दें   यदि आप चाणक्य की नीति पर विश्वास करते हैं, तो यदि आपके मन में भय की छाया है।  

यदि भय आप पर हावी है तो ऐसी स्थिति में शत्रु आपको बर्बाद कर देंगे।   

ऐसे में एक के बाद एक गांठ बांधनी चाहिए कि हर लड़ाई शारीरिक बाहुबल से  नहीं जीती जाती, कुछ लड़ाइयाँ आप मन के बल से भी जीत सकते हैं। 

धैर्य रखें   धैर्यवान व्यक्ति का जीवन कभी भी कठिनाइयों या अभावों से ग्रस्त नहीं होता है। 

ऐसे में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि आपको धैर्य रखना होगा।  ताकि आप सबसे कठिन परिस्थिति में तटस्थ रह सकें।  

क्योंकि चिंता चिता की तरह है और चिंता से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है। 

यदि आप चिंता से घिरे हुए हैं तो आपका शत्रु खुश होगा और आपकी स्थिति का फायदा उठाएगा।