यदि किसी पुरुष में ये 5 गुण हैं, तो उसकी स्त्री इनसे पूरी तरह संतुष्ट रहती है

कम मिले तो भी संतुष्ट रहो     चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य को अपनी शक्ति के अनुसार काम पर ध्यान देना चाहिए। 

उससे मिलने वाले धन से उसे संतुष्ट होना चाहिए।  जितना पैसा कमाया है उसी में परिवार का पालन पोषण करना चाहिए।  

जो मनुष्य ऐसा कर पाता है, वही श्रेष्ठ पुरुषार्थ का स्वामी होता है।  ऐसे में मनुष्य को कुत्ते की तरह यह गुण अपने अंदर रखना चाहिए। 

कुत्ते को देखो, उसे जितना भोजन मिलता है, उससे वह संतुष्ट है।  ऐसे में पुरुष को जितना प्यार और पैसा मिलता है, 

उससे अगर वह संतुष्ट है तो उसके परिवार में खुशी बनी रहती है और स्त्री के मन में संतोष रहता है. 

पुरुष हमेशा सतर्क रहें   आपने कुत्ते को ध्यान से देखा होगा, जरा सी आवाज में भी वह चौंक जाता है।  

मनुष्य में भी कुत्ते की तरह सतर्कता का गुण होना चाहिए।  अगर वह अपने  परिवार, परिवार की महिला और अपने कर्तव्य के प्रति सचेत है, तो उसके जीवन  में कभी भी समस्याएँ नहीं आएंगी। 

मनुष्य को सदैव शत्रुओं से सतर्क रहना चाहिए, अपने परिवार की रक्षा के लिए उसे सबसे अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है 

ऐसे पुरुष के साथ उसकी औरतें हमेशा खुश रहती हैं। 

वह वफादार हो   एक महिला हमेशा एक वफादार पुरुष से प्यार करती है।  यह गुण कुत्ते में होता है, इसलिए वह मालिक को प्रिय होता है

उसका मालिक उस पर शक नहीं करता।  ऐसे में अगर पुरुष अपने परिवार को सुख-शांति से कलह से दूर रखना चाहते हैं तो उन्हें वफादार रहने की जरूरत है।