जीवन में इन पांच प्रकार के लोगों से दूर रहें, नहीं तो सम्मान खो देंगे

जहां कोई सम्मान नहीं    चाणक्य के अनुसार जहां कहीं भी आपका सम्मान नहीं किया जाता है।  ऐसी जगह रहना मूर्खता है। 

ऐसी जगह को जल्द से जल्द छोड़ देना चाहिए।  वहीं चाणक्य का कहना है कि जीवन में व्यक्ति के लिए 

उसके स्वाभिमान से बढ़कर कुछ भी नहीं है।  इसलिए आपको हमेशा अपने सम्मान की रक्षा करनी चाहिए।

नौकरी नहीं हो   चाणक्य के अनुसार, ऐसी जगह पर ज्यादा समय बिताना ठीक नहीं है जहां व्यक्ति को आजीविका या नौकरी नहीं मिलती है। 

इसलिए किसी दूसरी जगह जाकर बेहतर नौकरी की तलाश करें।

छोटों का सम्मान करना जरूरी है  चाणक्य का कहना है कि व्यक्ति चाहे छोटा हो या बड़ा, सभी का सम्मान करना चाहिए।  

जहां लोग महिलाओं और उनके छोटों को सम्मान नहीं देते, वहां लोगों को नहीं रहना चाहिए।

दया और उदारता की भावना  व्यक्ति में उदारता की भावना होनी चाहिए। साथ ही जो सभी के साथ दया का भाव रखते हैं, ऐसे लोग जीवन में आगे बढ़ते हैं

वहीं जिन लोगों में उदारता की भावना नहीं होती है और लोगों को दान देने की प्रवृत्ति होती है। 

ऐसी जगह पर नहीं रहना चाहिए और ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करना चाहिए

विपरीत परिस्थितियों के आगे न झुकें  चाणक्य नीति के श्लोक में उन्होंने बताया कि व्यक्ति को इन पांच स्थानों पर नहीं रहना चाहिए। 

क्योंकि यहां रहने से आपकी इज्जत कम हो जाती है। 

ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग आपदा के समय आपकी मदद नहीं करते हैं।