जिसने संकट की घड़ी में यह काम किया कर लिया, उसे सफल होने से कोई नहीं रोक पाएगा।

किसी भी लड़ाई को जीतने के लिए धैर्य और समझ बहुत जरूरी है।  ज्ञान के साथ-साथ संयम बनाए रखने के गुर भी आते हैं। 

संकट के समय उचित सलाह, ज्ञान, अनुभव और साहस से ही आपकी ताकत बनती है।   

विपरीत परिस्थितियों में इन बातों को कभी भी नजरअंदाज न करें।  ऐसे समय में  डरें नहीं, धैर्य रखें और विपरीत परिस्थितियों से निपटने का रास्ता खोजें।

इस तरह आपको सफलता मिलेगी।  मुसीबत के समय डर आपकी सबसे बड़ी कमजोरी बन सकता है, 

इसलिए इसे अपने ऊपर हावी न होने दें, नहीं तो आप छोटी-छोटी समस्याओं से भी निपटने में असफल रहेंगे। 

चूकना मत  जब शत्रु (प्रत्यक्ष या परोक्ष) सिर पर मंडरा रहा हो तो एक-दूसरे में दोष ढूंढ़ने की बजाय एक-दूसरे पर भरोसा करें। 

गलतियों को गिनने में ही समय बर्बाद होता है, इसलिए ऐसे समय में गंभीरता से  काम लें और

अपने सभी प्रयासों पर विचार करें और मुसीबत से लड़ने का रास्ता  खोजें।  

जब मुसीबतें आपको हर तरफ से घेर लें, तो इन दो बातों पर विचार करना चाहिए,  समस्या को हल करना आसान होगा और सफलता प्राप्त करने में सक्षम होंगे।