Data Story: अन्य देशों की तुलना में भारत में 5जी तकनीक की क्या है स्थिति

22 मिलियन डालर का रोजगार सृजन होने का अनुमान है 60से अधिक देशों में 5जी का वाणिज्यिक नेटवर्क बिछाया जा रहा है

2035 तक का समय लगेगा पूर्ण रूप से विश्व भर में प्रभावी होने में मोबाइल  टावर दूर होने के बावजूद भी इंटरनेट चलाने में कोई परेशानी नहीं होगी।

देश में गत दिवस पहली बार सरकारी स्तर पर चार शहरों में 5जी मोबाइल तकनीक के ट्रायल की अनुमति दी गई है।

यह ट्रायल भोपाल, कांडला पोर्ट, बेंगलुरू मेट्रो और दिल्ली एयरपोर्ट पर किया जा रहा है।

खास बात यह है कि इस ट्रायल के लिए स्पेक्ट्रम भी उपलब्ध कराया गया है।

। ऐसे में यह समझना आवश्यक है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में 5जी तकनीक की स्थिति क्या  |

भारत में अभी 5जी के स्पेक्ट्रम के आवंटन की घोषणा नहीं की गई है।

बिना स्पेक्ट्रम के आवंटन के टेलीकाम कंपनियां इस क्षेत्र में अधिक आगे नहीं बढ़ सकती हैं।

भारतीय टेलीकाम रेगुलेटरी अथारिटी (ट्राई) ने स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए केंद्र सरकार को अपनी सिफारिश भेज दी है