क्या आपने कभी सोचा है कि कैसे मच्छर आपको अंधेरे में भी ढूंढ लेते हैं?  यहां जानिए खास वजह

मच्छर इंसानों को अंधेरे में कैसे ढूंढते हैं?  इसके पीछे का कारण हमारी सांस है अब आप सोच रहे होंगे कि कैसे?.

जब मनुष्य साँस छोड़ते हैं, तो वे कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) छोड़ते हैं।

इसकी महक ही मच्छरों को अपनी ओर आकर्षित करती है।  मादा मच्छरों के 'सेंसिंग ऑर्गन्स' बहुत अच्छे होते हैं।

इसके जरिए कोई भी मादा मच्छर 30 फीट से ज्यादा की दूरी से भी कार्बन डाइऑक्साइड की गंध का पता लगा सकती है।

इसी गैस की मदद से ये अंधेरे में भी आप तक पहुंचती हैं।  वे आपके शरीर से खून चूसकर अपने अंडे को पोषित करते हैं  

CO2 के अलावा मच्छर इंसानों तक पहुंचने के लिए शरीर की गर्मी, गंध और पसीने जैसे अन्य संकेतों का भी इस्तेमाल करते हैं।

जानिए मच्छर हमें क्यों काटते हैं?   सच तो यह है कि मच्छर हमें काटते नहीं बल्कि हमारा खून चूसते हैं।  आपको जानकर हैरानी होगी कि

आपके आस-पास मंडराने वाले सभी मच्छर आपका खून नहीं पीते।  इसके बजाय, केवल मादा मच्छर ही ऐसा करती है।

इसके साथ ही ये अपने अंडों का विकास और पोषण करते हैं।  दरअसल, अंडे के लिए जरूरी पोषक तत्व इंसान के खून में पाए जाते हैं।

इसके साथ ही ये अपने अंडों का विकास और पोषण करते हैं।  दरअसल, अंडे के लिए जरूरी पोषक तत्व इंसान के खून में पाए जाते हैं।