अंबानी की Jio को चुनौती देने के लिए बेजोस लगाएंगे Vi पर दांव? इस डील से फिर सस्ते हो सकते हैं डेटा टैरिफ

अगस्त 2021 में भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया बंद होने की कगार पर थी।

Vi पर स्पेक्ट्रम फीस का 96,300 करोड़, AGR का करीब 61,000 करोड़ और बैंकों का करीब 21,000 करोड़ रुपए कर्ज बकाया था।

वोडाफोन-आइडिया में एक बार फिर कर्मचारियों की भर्तियां शुरू हो गई हैं। मई  के आखिरी दिनों में Vi के शेयरों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है।

अमेजन की Vi के साथ जल्द ही 20 हजार करोड़ रुपए की इन्वेस्टमेंट डील हो सकती है।

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक Vi को 10 हजार करोड़ कंपनी की हिस्सेदारी बेचकर और 10 हजार करोड़ रुपए कर्ज के तौर पर मिलेंगे।

23 मई 2022 को Vi के मैनेजिंग डायरेक्टर रविंदर टक्कर ने भी कहा था कि कंपनी 20 हजार करोड़ की डील के बहुत नजदीक है।

टक्कर के मुताबिक ये निवेश कंपनी का भाग्य बदलकर उसे कॉम्पिटिशन में बनाए रख सकता है।

वोडाफोन-आइडिया ने अप्रैल में 4,500 करोड़ रुपए पहले ही जुटा लिए हैं।

अगर अमेजन के साथ भी 20 हजार करोड़ की डील फाइनल होती है तो Vi पूरे दमखम से Jio और एयरटेल को चुनौती देने के लिए तैयार हो जाएगी।

2016 में जियो की लॉन्चिंग के वक्त भारत में 8 बड़ी टेलीकॉम कंपनियां थीं।  जियो ने फ्री कॉलिंग और डेटा की स्ट्रैटेजी अपनाई, जिससे धीरे-धीरे मार्केट  में कॉम्पिटिशन कम होता गया।

2017 में टेलीनॉर, 2018 में एयरसेल और 2019 में टाटा डोकोमो बंद हो गई। 2018 में वोडाफोन आइडिया मर्ज हो गईं।